आरक्षण का भष्मासुर
आरक्षण या भष्मासुर 🙏नमस्कार सभी समाज के और वर्गों के माननीय सदस्यों को जो मेरे विचारों को पढ़ने की कृपा करेंगे और अपने सुझाव भी देंगे , मैं आज इस मंच के माध्यम से आरक्षण के सम्बंद में अपने विचार व्यक्त करना चाहती हूँ, क्योंकि इस आरक्षण रूपी भष्मासुर ने अब हमें अपने आप के साथ ही पूरे देश में रक्तबीज की तरह से फैलाना शुरू कर दिया है, हमारे देश के महानुभावों ने सायद सभी समाज के तबकों को और जातियों को बराबर उनत्ति के लिए इस आरक्षण की कुछ वर्षो तक व्यवस्था की थी ,लेकिन आज हालात क्या हैं ?आप सभी अच्छे से जानते हैं ,हाँ परवाह नहीं करते ये अलग बात हैं या कुछ देर इस पर बात करके रह जाते हैं और राजनीतिज्ञों की व राजनितिक पार्टियों की बुराई भर करके रह जाते हैं ! मैं आपसे जानना चाहती हूँ और खास कर उन भाइयों और बहनों से की क्या आज के इस वैश्वीकरण के युग में भी हमें यूँ वर्गीकृत और चयनित लाभ सरकारों से लेने की आवश्यकता क्यों हैं !क्यों हम अपने आप को अभी तक कमजोर वर्ग ही साबित किये हुए और उससे मिलने वाली खैरात के लिए अपने अपनो का खून बहाने में भी नही हिचकिचाते हैं देश की सार्वजनिक संम्पति को तो ...