मेरा पिया
मेरीआँखों में चमक बन ,बसे कजरा तुम हो पिया!
मेरे माथे पर बन शोभा मेरी ,बैठे बिंदिया तुम हो पिया!
मेरी माँग में सजकर सिंदूर, मेरा सौभाग्य बने तुम हो पिया!
मेरे होठों पर सुर्ख गुलाबों सी लाली बन सजे
मेरे रूप को सजा रहे तुम हो पिया!
मेरे हाथों में हरी मेहदी से लाल बन रचे हथेली में मेरे प्यार का रंग तुम हो पिया!
मेरे तन पर खिलते रंगीन लीबाज़ों के तानोबानो के हर तार का रंग तुम हो पिया!
मेरे गले में नवसर हार के मोतियन की आब मेरे रूप का श्रृंगार तुम हो पिया!
मेरी अंगुली में सजी अंगूठी के हीरों की आभा का आकार तुम हो पिया!
मेरे हाथों में कंगनों की खनक का साज तुम हो पिया!
मेरी बिछिया के नग का रंग और मेरी पायजेब जी छन -छन की झंकार मेरा सम्पूर्ण उल्लास तुम हो पिया!
मेरे दिल में अपने प्रेम के गुलों से गुलिस्तां सजाकर मेरी सासों में महकती खुशबू तुम हो पिया!
मेरे तनमन में ,मेरे रोम रोम में ,वीणा के तारों सी बज रही सितार ,मेरे प्रेमसँगीत का राग तुम हो पिया!
मेरे कोरे कागज से मन पर अपने प्यार की स्याही और कलम से रचना प्रेम की मुझपर लिख कर
,मुझे प्रेमग्रंथ बनाने वाले मेरे रचयिता तुम हो पिया!
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