आ जा मुझे मुझसे मिलाने

 आ जा मुझे, मुझसे मिलाने

मेरे होने का मुझे फिर से अहसास दिलाने!


आह!कैसे काटूँ  जुदाई के ये वीराने

ला दे मेरी खुशी के खोये खजाने

आ जा मुझे ,मुझसे मिलाने!


अपनी बाहों के घेरों में कशा दे

विशाल सीने को सिरहाना बना दे

आ जा मुझे मुझसे मिलादे


तेरी निगाहों की चमक से मेरी आँखों में प्रेमदीप  जला ले

होठों की अमृतधारा से मेरे अघरों को रसीला बना ले

आ जा मुझे मुझसे मिला ले


आ जा मुझे मुझसे मिलाने

मेरे होने का मुझे फिर से अहसास दिलाने!

आ जा मुझे मुझसे मिलाने!





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