वो सुबह भी आयेगी! की जब होंगे दूर अंधेरे गमों के, और छटेंगे बादल दर्द भरी आहों के हाँ वो सुबह कभी तो आयेगी!!.... वो सुबह भी आयेगी की जब पड़ेगी चेहरे पर उजली उषा के ओस की बूंदों के छिंटे और नमक आसुंओ का धूल जायेगा, हाँ वो सुबह कभी तो आयेगी!!.... वो सुबह भी आयेगी की जब तन-मन पर बौछार करेंगी किरणें भानु- भाष्कर के प्रकाश की और होठों पर खिलेंगी कलियाँ मुस्कराकर खिलखिलाने के साज के आगाज की हाँ वो सुबह कभी तो आयेगी!!....
मैं भारत हूँ ! दुश्मनी करना मेरी फितरत में भी हैं नहीं, लेकिन जो करते मुझसे दुश्मनी उनको नष्टेनाबूद करने से भी मैं पीछे हटता नहीं ! मैं भारत हूँ ! हाथ केवल मैं दोस्ती के लिए ही पहले आगे बढ़ता हूँ लेकिन जो हाथ वार करे मेरी पीठ पर ,उन हाथों को उनके कंधों से ही मैं उखाड़ लेता हूँ मैं भारत हूँ! शांति और प्यार की बदौलत में दुनिया मैं जाना जाता हूँ लेकिन जो मेरी शांति और प्यार को मेरे आशुओँ में बदलना चाहें ! उनको नाकों -चने- चबवाने भी मैं जानता हूँ मैं भारत हूँ! बस भारत ही हूँ मैं ! और मेरी ताकत भी मैं जानता हूँ लेकिन जो कमजोर समझ कर वार करते हैं मुझपर उनको अपनी फौलादीऔकात दिखाना भी मैं जानता हूँ मैं भारत हूँ ! मेरे बच्चों की मैँ शान हूँ लेकिन मेरे ही बच्चों से मैं भारत महान हूँ
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें