हमसफ़र



बहुत उम्मीद थी ,थी बहुत आरजू भी मेरी
साथ चलने की तेरे ,बन के हमसफ़र तेरी

हम कदम जो  बनते मेंरे तुम ,मैं हमनशीं तेरी
फूल तो तुम ही थे , खुशबु मैं बन जाती तेरी

अक्स मेरा ही हो उनमें ,बस वो निगाहें हो तेरी
अश्क जो मेरे बहें आँखों से , बस वो पलकें हो तेरी

गीत तेरे ही मैं गाउँ ,धुन हो  वो बस तेरी
साज़ मेरे ही  बजे , राग उनमें हो बस तेरी 

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